Tumse pyaarA Poem by Ermitano agafyaIt's a feeling of a lover who miss all the romantic moments that he made with his love one.
अंजान अहसास ,तन्हा रात,
बारिश की वो ह™्की फुहार "र भी-ी मिट्टी का साथ, यूँ ही मुझे तेरी याद फिर आयी याद आयी तो अपने साथ कुछ पुराने किस्से भी ™ायी, एक अरसा हो च™ा है, तेरी उस आ-ोश में ™े ™ेने वा™ी, खुशबू ने छुआ नही, वो जो बात बात में कह देती थी ना तुम "अरे पा-™ ऐसे नही करते इसे" महीनों से ये किसी ने कहा नही। हाँ तुम देर सवेर मेरे सपनो में हक़ीक़त बनकर आ जाती हो। हाँ तुम बिन कहे मुझसे बहुत कुछ कह जाती हो। हाँ अब मैं भी तुझ बिन जीना सीख -या हूँ। पर अब भी तेरे साथ बिताने वा™ा वक़्त तन्हा ही -ुजरता है। मैं सबको खुशियाँ बाँट दूं, फिर भी सजदे में सर सिर्फ तेरे ™िए झुकता है, मैं ™ाख दिखावे कर ™ूं , कि खुश हूँ मैं। पर देखना आकर कभी फुर्सत मि™े तो, मैं आज भी तेरा ही वजूद ™िए फिरता हूँ, चाहे कितनो से ही मि™ जाये ये दि™ मेरा पर फिर भी मैं सिर्फ तुझसे प्यार करता हूँ। © 2019 Ermitano agafya |
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Added on October 6, 2019 Last Updated on October 6, 2019 AuthorErmitano agafyaKanpur, Uttar pradesh, IndiaAboutArtist Some of my poems based on my life experiences and some on observation. Don't read the words just Feel more.. |

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