रूठी हुई क™म को मानते है च™ो आज फिर से ™िखते हैA Poem by Mr Shayarरूठी हुई क™म को मानते है च™ो आज फिर से ™िखते हैच™ो आज फिर से ™िखते है बचपन की कहानियाँ जवानी का वो पह™ा प्यार वो रातो की नींदे © 2017 Mr Shayar |
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Added on November 19, 2015 Last Updated on August 5, 2017 |

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